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India Russia Oil Import: जून में रूस से रिकॉर्ड कच्चा तेल खरीदने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना भारत

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Alam Ki Khabar: जून 2026 में भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर कच्चे तेल का आयात किया। सीआरईए की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब रूस से तेल और गैस खरीदने वाला चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया।

नई दिल्ली, 12 जुलाई।भारत ने जून 2026 में रूस से कच्चे तेल की रिकॉर्ड खरीद कर ऊर्जा क्षेत्र में नया मुकाम हासिल किया है। ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (CREA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत अब रूस से तेल और गैस खरीदने वाला चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। जून महीने में भारत ने रूस से 5.5 अरब यूरो का जीवाश्म ईंधन खरीदा, जिसमें 4.5 अरब यूरो केवल कच्चे तेल पर खर्च किए गए। कुल खरीद में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत रही।

रिपोर्ट के अनुसार मई की तुलना में जून में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी अवधि में भारत का कुल कच्चे तेल का आयात भी 5.4 प्रतिशत बढ़ा। प्रमुख रिफाइनरियों में रूसी तेल की आपूर्ति में तेज उछाल देखा गया। इंडियन ऑयल की पारादीप रिफाइनरी में आयात 126 प्रतिशत बढ़ा, जबकि बीपीसीएल की कोच्चि रिफाइनरी और नायरा एनर्जी की वडिनार रिफाइनरी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

भारत की बढ़ी हुई खरीदारी के कारण रूस के कच्चे तेल के निर्यात की मात्रा में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम रहने से रूस की तेल बिक्री से होने वाली दैनिक आय आठ प्रतिशत घटकर 34.8 करोड़ यूरो रह गई। कुल जीवाश्म ईंधन निर्यात से रूस की आय भी एक प्रतिशत घट गई, जबकि निर्यात की मात्रा बढ़ी।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की रिफाइनरियों में रूसी कच्चे तेल से तैयार पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। भारत, तुर्किये, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों से यूरोपीय संघ, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को बड़ी मात्रा में ईंधन भेजा गया। इनमें उल्लेखनीय हिस्सा रूसी कच्चे तेल से तैयार उत्पादों का था।

ब्रिटेन ने भी पहली बार भारत की जामनगर रिफाइनरी से रूसी कच्चे तेल से तैयार जेट ईंधन की खेप मंगाई। रिपोर्ट के अनुसार यह खेप लगभग 6.3 करोड़ यूरो मूल्य की थी। इससे स्पष्ट है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारतीय रिफाइनरियों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

रिपोर्ट में रूस के तेल निर्यात के लिए तथाकथित 'शैडो फ्लीट' यानी प्रतिबंधों से बचकर संचालन करने वाले टैंकरों का भी उल्लेख किया गया है। जून में रूस के समुद्री तेल निर्यात का 54 प्रतिशत हिस्सा ऐसे जहाजों के माध्यम से भेजा गया।

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भारत की ऊर्जा रणनीति को मिली मजबूती

रूस से रिकॉर्ड तेल खरीद यह दिखाती है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यावहारिक और संतुलित नीति पर आगे बढ़ रहा है। कम कीमत पर उपलब्ध कच्चे तेल से देश की रिफाइनरियों को लाभ मिलता है और ईंधन आपूर्ति भी मजबूत रहती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत को संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा।

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